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The Secret Of The Nagas (Shiva Trilogy-2)
This is the second novel in the trilogy on Shiva by Amish Tripathy. The book ‘Nagaon Ka Rahasya’ is the Hindi version of the book originally written in English ‘Secrets of Nagas’.
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Satyayoddha Kalki: Eye of Brahma
After a defeat at the hands of Lord Kali, Kalki Hari must journey towards the mahendragiri mountains with his companions to finally become the avatar he is destined to be.
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The Immortals of Meluha
जब बुराई एक महाकाय रूप धारण कर लेती है, जब ऐसा प्रतीत होता है कि सबकुछ लुप्त हो चुका है, जब आपके शत्रु विजय प्राप्त कर लेंगे, तब एक महानायक अवतरित होगा।
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तो कौन हे लूसिफर ? एक दानव या एक देवता !
तो दोस्तो जैसा की आप सबको पता होगा की इस दुनिया में इंसान और बुरी आत्माएं दिनों ही बास करती है। क्यों के अंधेरा होने पर ही रोशनी की जरूरत होती है। और कुछ बुरी सक्ती हमेशा रोशनी को मिटाने के चक्कर में होती है। तो में आप सबको आज ये बताऊंगा के कैसे एक रोशनी के दूत ने अंधेरे का साथ दिया और बन गया अधेरा का सबसे ताकतवर शहंशह.
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जब एक प्रेत आत्मा ने केहेर ढाया - अंतिम भाग
वो आत्मा अपने बदले के चकर में इधर उधर घूम रहीथी। कैसे भी करके मुखिया जी का कबच हटे और वो अपना इन्तेक़ाम ले सके। उधर मुखिया जी के बुलाने पर उनके दोनों बेटे अपने अपने परिबार के साथ हवेली में आ पहंचे। बड़े बेटे की एक बेटी और छोटे बेटे की दो बेटे थे। आगे जानने के लिए यहाँ click करे.
दो लब्ज़ों की हे दिल की काहानी -भाग 5
दो लब्ज़ों की हे दिल की काहानी -भाग 4
"ये कहा गया हे , लिखा हुआ हे के जोड़े आसमान में बनते हे। हर इंसान का कहीं ना कहीं कोई ना कोई साथी इस दुनिआ में हे। और जब वो मिलते हैं, तो कायनात में गीत गूंज ते हे। उसने भी तब इस बात पे यकीन किया जब उसने उसे देखा, पहली बार। "emotional love story in hindi
हम सब पास में हि एक रेसुरांत में खाना खाने जातें हे। दोस्ती के नए आयाम भी बनने लगतें हे बीते वक़्त के साथ। आखिर यहाँ क्यों आना हुआ ? मेने धीरेसे डाइनिंग टेबल में अपनी पेहली छोटी मगर मोटी सवाल पेश करदी। emotional love story in hindi
जरासल में और अपूर्बा दोनों बचपन के दोस्त हे। और अपूर्बा के पापा एक मल्टी नेशनल कंपनी मे काम करतें हे। और मेरे पिताजी का भी अपना बिज़नेस हैं। और ग्रेजुएशन के बाद अपने पेरो पे खड़े होने के लिए हम मुंबई आए। मुंबई में बैचलर्स को घर मिलना बेहत मुश्किल हे , पर हमने किसी तरा ये फ्लैट किराये पे ले लिया। बातोसे तो ध्रुब बहोत ही सांत स्वभाब का लड़का लग राहाता। फिर धीरे धीरे सवाल जबाबों का सिलसिला चलता रहा।
तिथि ने सवालों के सिलसिले को रोकते हुए खाने की मेनू को मुझे थमा दिया। कुछ ही देर में हम सब खाने में मसगुल हो उठे। खाने के बाद मुंबई घूमने का दौर सुरु हुआ, दोस्ती का आलम कुछ ऐसा जमा के वक़्त का ध्यान ही नहीं रहा। रात के ११ बजे हम फ्लैट में पहंचे तो हम सब बहोत थक चुके थे। आज ध्रुब को जानने का मौका मिला। लड़का आछा हे। हमे हमारे रूम में छोड़ के वो दोनों अपने फ्लैट में चले गए। में बस फ्रेश होने के लिए जाने ही वाली थी के अचानक मेने देखा के मेरे पास ध्रुब का रूमाल रह गया था। सच कहूं तो लौटा ने का मन नहीं था, पर फिर इरादा बदला तो लौटा ने उनके फ्लैट में गयी। वहां पहंच के देखा तो फ्लैट के अंदर से किसी लड़की की आवाज आ रहीथी। थोड़ा और करीब गया तो वो आवाज मेरे करीब जाने के साथ और भी साफ तरीके से मुझे सुनाई दे रही थी। जैसे ही मेने दरवाजे के करीब अपने कान लेके गयी सुनने के लिए तो वो लड़की की आवाज़ एक झटकेसे बंद होगयी। और तभी अचानक ध्रुब ने दरवाजा खोला। ........emotional love story in hindi
कौन थी वो लड़की ,क्या था उस आवाज़ के पीछे का राज़। .........
कहानी आगे भी जारी रहेगी। ...
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दो लब्ज़ों की हे दिल की काहानी -भाग 3
emotional love story in hindi - प्यार भरी दो लब्ज़ों की हे दिल की काहानी -भाग 3 rdhindistories
अचानक बिजलियाँ कड़क उठती हे। मानो जैसे मुझे तिथि के सवालों के तीर से बचाने की कोसिश की जा रही हो। सवालों के सिलसिलें को ऐसे अधूरे हाल में छोड़के जाना पड़ता हे तिथि को। .... लैंप जलाने ताकि अँधेरा मिट सके। पर उसदिन मानो हवाएं जैसे अपने आप्पे से बहार हो चुकीथी। देखते ही देखते हवाओं ने तूफान का रूप ले लिया। इस तूफान में लैंप जलाने का कोई फ़ायदा नहीं हे, बारिश के बूंदे भी गिरने लगी मानो जैसे आज सबको जबाब चाहिए था। ऐसा लगा जैसे बारिशें आज रुकेंगी नेहीं, जब तक में कोई जवाब न दे दूँ। पर जवाब तो मुझे भी चाहिए था। ख़यालों के आगोश से बहार निकली तो देखा के आखिर कार बारिश थम गयी थी । उसे भी इस बात का एहसास होने चला था के जवाब किसी के पास नहीं। बारिशों के थमने के बाद मानो जैसे एक सनाटा पसर गया हो। इतना सनाटा की दिल की बेचैन धड़कनो की आवाज साफ सुनाई दे सके। पीछे मूड़ के देखा तो, तिथि कब की सो गईथी। बस मेरे ही आँखों में नींद नहीं थी। जिसको देखा तक नहीं उसके लिए ये सब क्यों ? फिरसे एक सवाल ? और जवाब किसी के पास नहीं।आखिर कार में भी नींद की तलाश में निकल गयी और कब नींद ने मुझे अपने आगोश में भर लिया पता नेही चला। सुभे आंखे खुलने पर तिथि को किसीसे बात करते हुए देखा दरवाजे पे खड़े होके। बारिश के वजेसे सोसाइटी कंपाउंड में कल रात एक पेड़ गिरगया हे ऐसा तिथि का कहना था। खेर जो भी हो ऑफिस जाने के लिए तयार होना था पर तिथि हे के बाते किये जारही हे। मेने तिथि को बुलाना मुनासिफ नहीं समझा। तभी अचानक तिथि ने किसीको नमस्ते किया और दरवाजा बंद करते हुए एक आवाज ने उससे फिरसे रोक लिया। मेने ये सब नजर अन्दाज करना सही समझा। तिथि वापस आयी तो थोडेसे नाराजगी भरे लेहेजे से में पूछी "हमेसा मुझे तो बड़ा ज्ञान दिया जाता हे समये का , आज आपको क्या होगाया था जरा बताएगी।
" मेरे घुसे भरी लफ्ज़ो में जो प्यार की चुटकी थी उसे भांपते हुए तिथिने बड़े ही प्यारसे जवाब दिया :- "हमारे पड़ोसी आये थे हमसे मिलने ,बस पडोसी धर्म नीभा रहीथी। " दरसल हमारे फ्लैट के पास में में ही एक फ्लैट खाली था ,तो उसीमे अपूर्वा नाम का लड़का किराये पे रहने आया था। और हमारे पडोसी होने के नाते तिथि से बातें कर रहा था।
अब चलो भी देर हो रही हे ,ये कहकर तिथि ने मुझे गले लगाया। ये जो दोस्त है ना, इन्हे हमारी कमजोरी पता होती हे। झटसे मना लेतें हैं हमे। ऑफिस में आज इतना शोर सराबा नेही था। तो तिथि के केहने पे हम लोग थोड़े सनंदर किनारे घूमने चले गए। समंदर किनारे खड़े होके ऐसा लगा जैसे कोई मुझसे केह रहा हो अपने सारे गमो को भूल के आज़ाद होजाओं। ये पराया सेहर आज मुझे अपना बनाने लगा था।
"बानी इनसे मिलो ये हे अपूर्वा। हमारे नए पडोसी। सुबह जिसकी में बाते राहा था।"
तिथि की आवाज़ को हवाएं रोक रही थी। ठीकसे सुनाई तो नहीं देरहा था क्यों के हवाओं शोर काफी तेज़ था। फिर भी मैंने तिथि के बोलने के लहजे को समझते हुए मुस्कुराके अपूर्वा को हेलो कहा। बाते सुरु करने के लिए अलफ़ाज़ों की कमी सी मेहसूस हो रहीथी। तभी अचानक तिथि अपूर्बा को कुछ दिखाने के लिए ले जाती हे। मेरा उनके साथ जाना मुझे उस वक़्त मुनासिफ नेही लगा। में बस चुप चाप हवाओं से गुफ्तुगू किए जा रही थी।
मुझे इंतजार था तो बस एक ही जवाब का।. ........
तो आप भी इंतज़ार कीजिये। मुलाकात होगी अगले भाग में
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